Tuesday, October 24, 2023

बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना

अपने बच्चों को एक बार यह नुस्खा इस्तेमाल करवा दीजिए , फिर कभी बिस्तर गीला नहीं करेगा 

जब बच्चा पांच साल से ऊपर हो जाता है तो फिर भी सोते समय बिस्तर पर पेशाब कर दें तो रोग कहलाता है। यह रोग ज्यादा तर 10-15 तक के बच्चों में ज्यादा देखा जाता है। कई बार तो ऐसे रोगियों की चिकित्सा का मौका भी मिलता है जो शादी के बाद भी इस समस्या से ग्रस्त पाएं जाते है। 5-10 साल तक के बच्चों के लिए जो पांच उपाय लिखे हैं , बहुत अच्छा रिजल्ट देते हैं। 10 से ऊपर उम्र वाले या पुराने रोगियों का इलाज आयुर्वेद दवा से करवाना चाहिए। 
असल में इस रोग का कारण मसाने की कमजोरी होती है। इस रोग की वजह से शादीशुदा लोग असली आनंद से वंचित रह जाते हैं। जब हमारे पास इलाज के लिए आते हैं तो हम समस्या का जड़ से इलाज कर देते हैं। मरीज पूरे आनंद से जीवन व्यतीत करने लग जाता है। 

*बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना*
पाँच नुस्खें - कोई एक नुस्खा ही इस्तेमाल करवाना है। 

|| पहला उपाय ||
*(१) काले तिल 50ग्राम ,
*(२) अजवायन 25 ग्राम,
*(३)गुड 100 ग्राम 
इन तीनों को मिलाकर 8-8 ग्राम के लड्डू बना लें |
सुबह - शाम 1-1 लड्डू खाने से बार-बार पेशाब और बिस्तर पर पेशाब की बीमारी ठीक होगी |यह नुस्खा बहुत बार अजमाया है। लाभकारी है। 

|| दूसरा उपाय ||
(१) अखरोट आधा नग 
(२) किशमिश 5 नग
यह दो - तीन हफ्ते रोज खिलाओ |

|| तीसरा उपाय || 
(१) सोते वक्त शहद चटवाएं , बहुत लाभ होगा |

|| चौथा उपाय || 
(१) 1 ग्राम आँवला चूर्ण 
(२) 1ग्राम पिसा जीरा 
(३) 2 ग्राम पीसी मिश्री 
यह तीनों मिलाकर ,4 खुराक बना लें। सुबह शाम एक एक खुराक की फंकी लें , उपर से ठंडा पानी पिला दें |

|| पाँचवा उपाय ||
1 छुहारा रोज दूध में उबालकर , चबाकर ऊपर से दूध पिला दें। 

अगर आप बहुत उपाय करके हार चुके हैं , या बहुत दवाएं खिला चुके हैं तो हमारे दवाखाने पर तैयार “बाल मूत्रांतक गोली“ सिर्फ 15 गोली का कोर्स करवा दें। दुबारा कभी समस्या नहीं आएगी। 5-10 साल के बच्चों के लिए यह इतनी गोलियां ही काफी है। कीमत सिर्फ 850 रु है। No extra charge. 

10 साल से ऊपर वालों के लिए दवा की मात्रा , इलाज की अवधि, खर्च ज्यादा हो सकता है। 

पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर कर दें , किसी जरूरतमंद के काम आ सकती है। 

✍️सदैव आपका अपना
वैद्य अमनदीप सिंह चीमा
अमन आयुर्वेद 144205,पंजाब 
Call & WhatsApp 099151 36138 

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Thursday, September 28, 2023

Skin , Acne , Pimples

“यौवनपीडिका” “ कील-मुहांसे ” Acne , pimples
चर्म रोग 

कील-मुहांसे, छोटी फुंसियों की तरह दिखते है। मुँहासों को इंग्लिश में एक्ने (Acne)या पिम्पल(Pimple) भी कहा जाता है। एक्ने मुंह, पीठ और कंधों, गर्दन, छाती आदि पर हो सकते है। मुहांसे तब निकलते हैं जब बालों के रोम, तेल और मृत त्वचा कोशिकाओं से भर जाते हैं। मुहांसे कोई गंभीर समस्या तो नहीं पर यह बार-बार आते है और इसके होने से सौन्दर्य में कमी आती है। यह देखने में भद्दे लगते है और ठीक होने पर निशान भी छोड़ देते है। यह किशोरों में होने वाली आम समस्या है इसलिए इसे आयुर्वेद में ‘यौवनपीडिका’ भी कहा जाता है।

★आयुर्वेद में सभी प्रकार के मुहांसों के होने का कारण★ 

तीन दोषों के असंतुलन- वात, पित्त और कफ, को माना जाता है ।
पित्त में वृद्धि होने पर शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और टोक्सिन भी ज्यादा हो जाते हैं। विषाक्त पदार्थ शरीर में जमा हो कर त्वचा विकारों को जन्म देते हैं। 

चिकने भारी भोजन जैसे की, दूध, दही, क्रीम, चाकलेट, चिकनाई, घी, तेल आदि का सेवन शरीर में कफ और त्वचा पर तेल को बढ़ा देता है। जब त्वचा ज्यादा तैलीय हो जाती है तो मुहांसे भी ज्यादा हो जाते है।

इस पेज पर कील-मुहांसों को दूर करने के लिए होम रेमेडीज दी गई है। इसके अतिरिक्त कुछ हर्बल दवाएं भी दी गई हैं जिनके उपयोग से मुहांसों को कम किया जा सकता है।

★घरेलू उपचार Home Remedies for Pimples★

1)एलो वेरा (घीग्वार )का जूस पियें। ताजा लें तो बहुत अच्छा । 

2)रात को सोते समय आंवला चूर्ण १ चम्मच की मात्रा में लें।

3)दो चम्मच प्याज का रस + शहद, मिलाकर कुछ दिन सेवन करें।

4)नीम के पत्तों को एक कप पानी में रात को भिगो दें और सुबह इसे मसल कर छान लें और पी लें। ऐसा नियमित करें।
नीम के कुछ पत्ते चबा के खाएं।

5)धनिया के पत्ते का रस (१ चम्मच) + हल्दी पाउडर (एक चुटकी) के साथ मिश्रित कर दिन में दो बार सेवन करें।
चेहरे को दिन में चार या पांच बार पानी से धोएं।

★लेप External application★

1)जायफल को दूध में घिस कर लगायें।

2)दालचीनी + शहद का पेस्ट लगायें।

3)तुलसी के पत्ते का पेस्ट चेहरे पर १५-२० मिनट लगायें।

4)नीम के पत्ते का पेस्ट चेहरे पर १५-२० मिनट लगायें।

5)हरे पुदीने को पीस लें। इसमें कुछ बूँद नीबू का रस मिलाएं। इसे १५ मिनट चेहरे पर लगायें।

5)मेथी के पत्ते का पेस्ट लगायें।

6)बेर के पत्ते का पेस्ट लगायें।

7)जीरा या अजवाईन का पेस्ट थोड़े से पानी में मिलकर बनायें और प्रभावित जगह पर लगायें।

8)मुल्तानी मिट्टी का लेप चेहरे पर सूख जाने तक लगायें।

9)लाल चन्दन + हल्दी + दूध का पेस्ट, बना कर चेहरे पर नियमित लगाएं।

10)मसूर की दाल को रात में पानी में भगो दें। सुबह इसे पीस कर चेहरे पर लगायें।

11)मुहांसों पर टमाटर का रस लगायें।

12)अमरुद + केला का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगायें।

आंवले का चूर्ण रात में भिगो लें और सुबह इसे मुहांसों पर लगायें।

★आहार और जीवन शैली Diet and Lifestyle★

बहुत अधिक मुहांसे निकलने पर पित्त बढ़ाने वाला भोजन जैसे :-
मसालेदार भोजन, गर्म भोजन,
तेल और खट्टे खाद्य पदार्थ न खाएं।
मोटापे को कम करें और ज्यादा चिकनाई युक्त भोजन न करें।
ताज़े फल-सब्जी खाएं करें।
ज्यादा पानी पियें।
कब्ज़ न रहने दें।
चेहरे को पानी से कई बार धोयें।
सौंदर्य प्रसाधन, क्रीम, तेल आदि चेहरे पर न लगायें।
मुँहासे को न छुएँ।
चेहरे को भाप दें।

★आयुर्वेदिक दवाएं Ayurvedic Medicines for Pimples/acne★

★ Classical Medicines for internal use★

1)महामंजिष्ठादि काढ़ा Mahamanjisthadi Kwath 20 मिलि खाने के बाद बराबर जल मिलाकर ।

2)कैशोर गुग्गुलु Kaishore Guggulu 2-2-2 गोली पानी से । 

3)सारिवाद्यासव Sarivadyasava 20मिलि बराबर जल में मिलाकर खाने के बाद । 

4)त्रिफला Triphala Churna 3-3 ग्राम जल से ।

★Ayurvedic Patent Medicines★

1)साफी Hamdard Safi

2)बैद्यनाथ सुरक्ता Baidyanath Surakta

3)डाबर एक्टिव ब्लड प्यूरीफायर सिरप 
Dabur Active Blood Purifier Syrup

4)हिमालय प्यूरिम टेबलेट्स
 Himalaya Purim Tablets

★लगाने हेतु External Application★

1)चन्दनादी तेल Chandanadi taila

2)कुम्कुमादी लेप Kumkumadi Lepam

3)हरिद्रादी तेल Haridradi Tail

★मेरा अनुभूत नुस्खा ★
कील- मुहासे और शरीर बदबू-नाशक योग 

त्रिफला चूर्ण 90ग्राम 
स्वर्णमाक्षिक भस्म 10 ग्राम
रजत भस्म 3 ग्राम 
मुक्ता पिष्टी 5 ग्राम 
रस माणिक्य 3 ग्राम
गंधक रसायन 15 ग्राम 
अरोग्यावर्धनी वटी 

सब दवा को अच्छी प्रकार से घोटकर बारीक कर लें । 
नीम के पत्तों के रस में घोटकर सुखा लें ।

60 खुराक बना लें । सुबह-शाम एक-एक पुडिया
खदिरारिष्ट + महामजिष्ठारिष्ट 20-20 मिलि. बराबर जल में मिलाकर लें।  

अरोग्यावर्धनी वटी साथ में दो-दो गोली लें। 

मेरा सैकड़ों रोगियों पर आजमाया हुआ नुस्खा है । कभी निराशा नही मिली । एक बार अवशय प्रयोग करके देखें ।

 यह नुस्खा मेरे पास तैयार रहता है । अगर बनाने में असमर्थ  है तो कोरियर/पोस्ट से  मंगवा सकते है ।

नोट:- सभी चर्म रोगों में इसका इस्तेमाल वैद्य की सलाह से कर सकते है। 

लेखक
वैद्य अमनदीप सिंह चीमा
अमन आयुर्वेद ,144205 पंजाब
 Call & Whatsapp -  99 151 36 138

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Saturday, September 23, 2023

Paralysis पक्षाघात

लकवा - अधरंग - Paralysis Treatment 

बहुत दोस्तों के संदेश आते हैं कि लकवा पर पोस्ट लिखें। उन सब की सेवा में दवा लिख रहा हूं। चिकित्सक से परामर्श करके आप यह दवा ले सकते है। निम्नलिखित नुस्खा बहुत ही असरदार नुस्खा है जो कि रामबाण की तरह कार्य करता है। इस नुस्खे को हर कोई ले सकता है। बस शर्त यह है कि योग में लिखी गई दवाएं उच्च गुणवत्ता वाली हो। 
अभाव में आप हमसे मंगवा सकते है। 

योग इस प्रकार है।‌

“पक्षाघात नाशिनी महायोग”

एकांगवीर रस 6 ग्राम 
खंजनकारी रस 2 ग्राम
योगेंद्र रस 2 ग्राम 
रसराज रस 2 ग्राम 
वृहत वात चिंतामणि रस 3 ग्राम 

सभी को अच्छी तरह न घिसने वाले खरल में ( चीनी मिट्टी के खरल में ) खूब खरल ( घुटाई ) करें।  मिलाकर 250mg के हिसाब से 60 पुड़िया बना लें। या कैप्शूल में भर लें। आपकी दवा तैयार है।‌

सुबह -शाम शहद या मलाई से एक-एक पुड़िया चाटकर दूध पी लें।

कब्ज दूर करके ही यह दवा शुरू करें। 

जनहित में जारी, शेयर करके दु:खियो तक पहुंचाएं।

वैद्य अमनदीप सिंह चीमा
अमन आयुर्वेद 144205 पंजाब
WhatsApp & Call 099151 36138 

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#paralysis #ayurvedic #ayurved

Wednesday, September 20, 2023

Heart Amrit Gold

Heart Blockage , Obesity Best Ayurvedic Medicine 

★Heart Amrit Gold ★

दोस्तों है तो इस नुस्खे में कुछ घर में प्रयोग होने वाली चीजें, 
जो कि आसानी से मिलने वाली चीजें है , आप इनमें से कुछ घरेलु चीजों के बारे में अच्छी तरह जानते है , रसोई में इस्तेमाल भी करते है। जो कि आयुर्वेद का ही अंग है । इस योग को अरबी नुस्खा भी कहते है। उसमें सिर्फ 5 घटक ही होते है। लेकिन मैंने अपने अनुभव अनुसार इसमें और घटक मिलाकर इससे होने वाले side effects को खत्म किया है , मेरे अनुभव अनुसार जो मैंने इसमें घटक डाले है , उससे इस नुस्खे का बहुत चमत्कारी प्रभाव होने लगा है।‌

नुस्खा बनाने का तरीका :- 

नींबू का रस
अदरक का रस 
लहसुन का रस
एप्पल का सिरका 
अर्जुन क्वाथ 
दालचीनी क्वाथ 
त्रिफला क्वाथ 
चंदन अर्क

1-1 कप 

चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें 
जब  6 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें। 

फिर उसमें 6 कप शहद मिला लें। 
Gold leaf स्वर्ण पत्र 40 नग डाल कर अच्छी तरह मिलाकर रख लें।‌

स्वर्ण पत्र से यह Heart Amrit Gold बहुत महंगा बनता है। लेकिन लाखों रु की सर्जरी , स्टंट के खर्च से ज्यादा महंगा भी नही है।‌

रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें । ऊपर से गुनगुना पानी पी सकते है। 

कोरियर द्वारा हमसे मंगवाने के लिए निम्नलिखित नंबर‌ पर संपर्क कर सकते है।‌

1.पूरे शरीर में कहीं भी ब्लाकेज हो , सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।

इसके साथ हम रोगी को
वृहत वात चिंतामणि रस , 
नागार्जुनाभ्र रस , 
अरोग्यावर्धनी वटी , 
जवाहर मोहरा नं 1 का इस्तेमाल करवाते है। 
रिजल्ट 2-3 खुराक में बहुत ही अच्छे आते है।‌
जिन रोगियों को हार्ट की समस्या है।‌
 
नोट:- दवा लेने से पहले सलाह जरूर कर लें। 
यह नुस्खा आपकी जानकारी के लिए है। 

1. अदरक (ginger juice) - यह खून को पतला करता है।
यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता है। 

2. लहसुन (garlic juice) - इसमें मौजूद allicin तत्व cholesterol व BP को कम करता है। वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।

3. नींबू (lemon juice) - इसमें मौजूद antioxidants, vitamin C व potassium खून को साफ़ करते हैं। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाते हैं।

4. एप्पल साइडर सिरका ( apple cider vinegar) -
 इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।

5. त्रिफला खून साफ करता है , मोटापा को ठीक करता है , वात पित्त कफ को बैंलेस करता है। पेट साफ करता है। रसायन है। 

6. दालचीनी खून को पतला करती है। बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। कफ को सुधारती है। 

7.अर्जुन खून को पतला करता है , दिल को ताकत देता है , कोलेस्ट्रॉल कम करता है , बलोकेज खोलता है। 

इस दवा में दालचीनी , त्रिफला, चंदन अर्क , अर्जुन क्वाथ हमने अपने अनुभव अनुसार मिलाकर इससे बहुत अच्छे रिजल्ट लिए है। 

मूल नुस्खे में शहद , नींबू , अदरक , लहसुन , सिरका ही है। लेकिन उपरोक्त चार औषधियां मिला देने से हमने बहुत अच्छे रिजल्ट लिए है। 

आपका शुभचिंतक 
वैद्य अमनदीप सिंह चीमा
अमन आयुर्वेद 144205 पंजाब 
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+91- 9915136138

Tuesday, August 8, 2023

Infertility Miscarriage

★ गर्भपात रोकने के आयुर्वेदिक नुस्खे ★

क्या होता है गर्भपात या गर्भस्त्राव ? 
20वें सप्ताह के पहले महिला के गर्भ का अचानक गिर जाना, 
शारीरिक और भावनात्‍मक 
दोनों ही रूपों में कष्‍टदायी हो सकता है।
अधिकांश गर्भ हानि, गर्भपात, भ्रूण के सामान्य रूप से विकसित न होने के कारण होते हैं। 

निम्नलिखित घरेलु उपाय लिख रहा हुं। सुविधा अनुसार कोई एक नुस्खा लें। 

•पीपल जटा, बड़ी कंटकारी की जड़ पीस कर 2-2 ग्राम गाय/भैंस के दूध के साथ कुछ दिनों तक लें।

•हरी दूब के पंचांग 10 ग्राम (जड़, तना, पत्‍ती, फूल, फल) को पीसकर उसमें समभाग मिश्री मिलाकर दूध से सुबह शाम पिएं।

•मूली के बीजों का महीन चूर्ण 2ग्राम और भीमसेनी कपूर आधा ग्राम को गुलाब के अर्क में घोटकर गर्भ ठहरने के बाद योनि में कुछ दिनों तक मलने से बहुत लाभ होता है। अगर किसी महिला को बार बार गर्भस्राव होता है, तो उसके लिए यह बहुत फायदेमंद नुस्‍खा है।

•गाय का उबालकर ठंडा किया हुआ दूध व जेठीमधु ( मुलेठी ) 5ग्राम का जक गिलास पानी में काढ़ा बनाकर पिलाएं साथ में इसी काढ़े को नाभि के नीचे भाग पर लगाएं। इससे गर्भस्राव की संभावना कम हो जाती है।

•वंशलोचन, नागकेसर, मिश्री समभाग को लेकर महीन चूर्ण बनाएं। फिर इसे 2 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम गाय के दूध के साथ खाने से लाभ होता है।

•एक पके केले को मथकर उसमें शहद मिलाकर गर्भवती स्‍त्री को खिलाएं।

•अशोक की छाल 5 ग्राम का क्‍वाथ एक गिलास पानी में बनाकर कुछ दिनों तक सुबह शाम पिलाने से गर्भवती स्‍त्री के गर्भस्राव की संभावना खत्‍म हो जाती है।

•अशोकारिष्ट , गर्भपाल रस , पुष्पधन्वा रस , पुष्यानुग चूर्ण , सुपारी पाक , गर्भरक्षक योग स्पैशल गोल्ड ( यह हम निर्माण करते है ,जो कि बांझपन , बंद टयूबों आदि महिला के गर्भ संबंधी रोगों में इस्तेमाल करते है। ) वैद्य की देखरेख में इस्तेमाल कर सकते है। आपको स्वस्थ , सुंदर , तंदरुसत , लंबी आयु वाली संतान पैदा होगी । ज्यादा जानकारी या सफल इलाज के लिए मेरे निम्नलिखित नंबर पर Call & Whatsapp कर सकते है। Call time 8pm to 10pm only. 

||•आपका अपना •||
||•वैद्य अमनदीप सिंह चीमाँ,पंजाब•||
||••Mob. & Whatsapp  991 513 6138••||

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Saturday, August 5, 2023

Catract Eye flu Eye Sight Improov

एक अति उत्तम योग -आंखों के लिए 

सिरस के पत्तों का रस , खट्टी बूटी 
रस 100-100 ml 

Ark gulab or Honey 

200 ml . 

Mix करके रख लें।‌

5ml रेक्टीफाईड सपिर्ट या अच्छी शराब डालकर रख लें। 

आंखों के लिए अमृत 

चाहे चशमा छुड़ाने में इस्तेमाल करें , चाहे मोतियाबिंद में , चाहे आई फलू में सभी में रामबाण ।‌


खाने के लिए अर्क गोरक्षमुंडी , अर्क पुनर्नवा , सप्तामृत लौह , आमलकी रसायन , हिरणखुरी , मुलेठी , का इस्तेमाल करें।‌ मेरा बार बार अनुभूत है।‌

जय धन्वंतरि जय आयुर्वेद 

लेखक वैद्य 
आपका अपना शुभचिंतक 
वैद्य अमनदीप सिंह चीमा 
संस्थापक अमन आयुर्वेद

Whatsapp & Call 
99151-36138 

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Friday, July 21, 2023

पेट के रोग , कैंसर

★ अमन राजेश्वर महायोग ★

पंचस्कार चूर्ण 2किलो ग्राम 
मुलेठी 2किलोग्राम 
आमलकी रसायन 2किलोग्राम 
अविपत्तिकर चूर्ण 2 किलोग्राम 

सूतशेखर रस 1किलो ग्राम 
गिलोय सत्व 250 ग्राम 
प्रवाल पिष्टी 250 ग्राम 
मुक्ताशुक्ति भस्म 250 ग्राम 
स्वर्ण गैरिक 250 ग्राम 
स्वर्णमाक्षिक भस्म 1किलोग्राम 
मधुक्षार 2 किलोग्राम 


मेरे ‘अमन आयुर्वेद’ चिकित्साल्य में इसी अनुपात में तैयार होता है। आप अपनी जरुरत अनुसार कम अनुपात में तैयार कर सकते है। 

फायदे :- अम्लपित्त , गर्मी , पित्त के रोग , अलसर , पित्ताशय कैंसर , आंतों का कैंसर , गुदा का कैंसर , बालों के आंखों के रोग , रक्त के रोग , मूत्र रोग , धांत , स्वप्नदोष , शीघ्रपत्न , मसाने मेदे की गर्मी , पेट के रोग आदि कई रोगों में सहायक औष्धियों के साथ इस “अमन राजेश्वर महायोग” का इस्तेमाल कर सकते है। 

धन्यवाद 

आपका अपना शुभचिंतक 
वैद्य अमनदीप सिंह चीमा 
अमन आयुर्वेद 
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