Tuesday, March 15, 2022

“बादशाह कोहिनूर महायोग” से ताकत के बादशाह कैसे बनें ?

आपका ध्यान किधर है , ताकत का बादशाह इधर है।‌

जी हां , आपने वो कहावत तो सुनी होगी शेर कभी घास नही खाता , मास खाता है। 

“बादशाही कोहिनूर महायोग”

कृप्या माताएं , बहने इस पोस्ट से दूर रहे, यह पोस्ट सिर्फ पुरुषों के लिए लिखी गई है। 

वैसे ही एक कहावत मेरी भी सुनलो 
मर्द ‌कभी वयाग्रा नही खाता , आयुर्वेदा के शाही योग खाता है । 
उन्ही शाही महायोगों के खजाने से आज आपको बताने जा रहा हूं‌ , अपना अनुभूत महायोग , जो कि आपके अंदर ताकत का तूफान भर देगा , आपके अंग अंग में । बार - बार करके भी आप थकेंगे नही ।‌ बहुत से लोग कहते है कि दवा कितना भी महंगा हो , रिजल्ट चाहिए , मेरे क्लिनिक के सबसे मशहूर पिछले 14-15 साल से जिन्होंने पूरे विश्व में तूफान मचाकर , कमजोर दिलों में जौश भर दिया , आज वो लोग अपनी सुखी विवाहित जीवन जी रहे , जिनके नाम है तूफानी ताकत महायोग, जीवन जौश महायोग , महासतंभन महायोग ) 3-4 पेशेंट ऐसे थे , जिन्हें इन दवाओं से भी बढकर मेरे इस “बादशाही कोहिनूर महायोग” ने अच्छा रिजल्ट दिया है।  जिन्होंने अपने ही हाथों बचपन की गलतियां नादानियां की वजह से , ऊपर से गलत दवाओं के सेवन से अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली , उन्हे तुफानी ताकत महायोग से ताकत वर योग “बादशाही कोहिनूर महायोग”लगा , जिन पर तूफानी ताकत महायोग, फेल हो जाए, उन मरीजों पर इस योग का बहुत ही जबरदस्त रिजल्ट मिला ।‌ यह महंगा भी बहुत है। तूफानी ताकत से 5 गुना ज्यादा असरदार है , 5 गुना ज्यादा दवा इस नुस्खे में डाला जाता है, 5 गुना ज्यादा मेहनत करके बनाया जाता है , 5 गुना ज्यादा पैसा खर्च आता है।  यह ऐसा योग है । अगर इसका सेवन पूरे 3 महीना बिना हस्तमैथुन , बीवी से परहेज करके कर लिया जाए तो पुरुष अत्यंत वीर्यवान बनकर कामदेव के समान हो जाएगा । चेहरा तेज से भर जाएगा , आंखों का नूर बढ़ेगा, चुस्ती , फुर्ती , चाल , डाल मस्त हो जाएगी।  पूरी इमानदारी से 90 दिन परहेज करके दवा खायगा तो‌ यह सब इच्छाएं पूरी होगी । जो 90 दिन दवा खाकर भी संभोग न करेंगा , इस नुस्खे की ताकत संभाल सकेगा । इस दवा में इतनी ताकत है कि संभोग का इतना सबर , परहेज कोई ही कर सकता है ‌। अगर पूरे 45 दिन पूरे परहेज के साथ इसका सेवन कर लिया जाए और 90 दिन खा लिया जाए तो हिजड़ा भी संभोग के काबिल हो सकता है। लोग गाड़ी, बंगला सबपर पैसा खर्च करते है, शादी में लाखों खर्च कर देते है , नशे में लाखों बर्बाद करते है , कुछ भी करते है लेकिन सेहत पर ध्यान नही देते, अगर अपनी जिंदगी राजाओं जैसी ताकत , अपना परिवार खुशियों जैसा देखना चाहते तो “बादशाही कोहिनूर महायोग” का सेवन कर सकते है। 
हर वर्ष आप “बादशाही कोहिनूर महायोग” 20 दिन इस्तेमाल करेंगे तो पूरा एक साल संभोग की ताकत बनी रहती है । “ बादशाही कोहिनूर महायोग” बुजुर्ग भी ले सकते है। जो शौकीन है वो भी ले सकते है। जो लोग जिम के शौकीन है , प्लेयर है , प्लेब्वाय है ले सकते है ‌। जो लोग “बादशाही कोहिनूर महायोग” के सेवन काल में अल्कोहल या कोई नशा लेंगे उनको मैं “बादशाही कोहिनूर महायोग” खाने की सलाह नही देता । जो लोग “बादशाही कोहिनूर महायोग” 5-7 दिन खाकर , कंट्रोल से बाहर होकर तलाशने लगे उनको भी मैं इसकी सलाह नही देता । अगर पैसा खर्च करके “बादशाही कोहिनूर महायोग” का पूरा रिजल्ट लेना है , ऊपर बताएं अनुसार परहेज रखना जरूरी है। मंगवाने के लिए आप मेरे दिए वटसऐप नंबर पर संपर्क कर सकते हैं , पोस्ट शेयर करना चाहो तो कर सकते है। नूस्खा सिर्फ दवा खरीदने वाले को ही बताया जाएगा । लेकिन इतना बता देता हूं कि “बादशाही कोहिनूर महायोग” में 50  जड़ी बूटियों, कुशतों का मिश्रण है। कुछ ऐसे भी घटक है जिनके नाम बहुत कम वैद्य लोगों ने सुने होंगे । कभी समय मिला तो “बादशाही कोहिनूर महायोग” का नुस्खा जरुर शेयर करुगा , बनाने का तरीका बिल्कुल पूर्ण तरीके से बताया जाएं तो दो - तीन घंटे पोस्ट लिखने में ही लग जाएगें ।‌
कोरियर / पोस्ट से भारत / विदेश में आप मेरे बैंक अकाउंट, phonepe , Google pay adwance भेजकर‌ अपना पता , जीभ ( बिना ब्रश किए सुबह )  नाखुन ,चेहरा साफ फोटो भेजें । आपकी समस्या कबसे , कितनी ,उम्र , काम , वजन , हाईट , वेज या नान वेज है। सब लिखकर मेरे वटसऐप पर भेजे। “बादशाही कोहिनूर महायोग" लिख कर बात करें।‌ गुमराह करने वालों से बचें , यह योग केवल हम ही बनाते है। कीमत 45000 एक माह का है। 
एक साथ तीन महीने का लेने पर स्पैशल छूट मिलेगी। 
मेरे क्लिनिक पर आने से 15 दिन पहले appointment लें। 
Appointment पहले से बुक होती है , अपने मरीजों के लिए मैं जल्दबाजी नही करता , बातचीत के लिए खुला समय देता हूं। इसलिए adwance booking करवाएं। घर बैठे भी आप फोन पर बात करके दवा दिए हुए पते पर मंगवा सकते है । ज्यादा जानकारी के लिए वटसऐप पर संपर्क कर सकते है। समय लेकर ही फ़ोन करें। 

चलता हुं .....
सदैव आपका अपना शुभचिंतक
वैद्य अमनदीप सिंह चीमाँ
कोहिनूर आयुर्वेदा 
Near Reet Farm , Hoshiarpur Road, Dasuya
144205 , Punjab , Bharat 
Mobile number 9915136138
https://wa.me/919915136138

Monday, March 7, 2022

मोटापा कैसे खत्म करें? इलाज , कारण क्या होते है ?

::::::::::::::::अब मोटापे की खैर नहीं:::::::::::::

मोटापा कारण , नुकसान , परहेज , इलाज कैसे होगा ? आओ जानते है :- 

कारण ? 
कोई काम न करना , समय पर खाना न खाना , खाने के बीच गैप न करना , पानी कम पीना , ज्यादा खाना , फ्री बैठना , आरामदायक जीवन , दिन में सोते रहना , तैल , घी , तली चीजें , मैदा , चीनी , चाय , फास्ट फूड , पैकट बंद चीजें , सोफ्ट-कोलड ड्रिंक, बेकरी की चीजें खाने से मोटापा बढ़ता है। इन चीजों का परहेज रखें। 

मोटापा से कोनसे रोग पैदा होते है ? 
डायबिटीज़ , हार्ट प्रोब्लम , हाई बी.पी , डिप्रेशन , सास चढ़ना, आस्टिओआर्थराईटिस, थकान , एनीमिया , फैटी लीवर 

कुछ घरेलू नुस्खे:-

त्रिफला चूरन शहद से चाटें जा

पिप्पलामूल शहद से चाटें।

नागरमोथा शहद के साथ चाटें ।
कैलेस्टरोल में भी यह बहुत लाभकारी है।

नीम्बू का रस , दो चम्मच शहद सुबह खाली पेट गर्म पानी में मिलाकर लें। 

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1. सुबह उठते ही यदि आप चाय पीने के आदी हैं
तो दूध की चाय के बजाय ग्रीन टी पिएं। इसमें
एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं, जो दिल के लिए
फायदेमंद हैं। यह वजन कम करने में भी मदद करती है।
दिन में तीन-चार बार ग्रीन टी ले सकते हैं।

2. गेहूं के आटे की चपाती के बजाय जौ-चने के आटे
की चपाती फिट रहने और सेहत के लिए वरदान है।

3. सुबह उठकर नीबू-पानी लेना चाहिए। इससे
बॉडी का डिटॉक्सिफिकेशन होता है इसमें आप
शहद भी मिला सकते हैं।

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4. वजन घटाने के लिए डीप फ्राई और तेल से बने
खाने की मात्रा कम कर दें जितना संभव हो,
भाप में पका खाना ही खांए।

5. टमाटर और पुदीने की पत्ती युक्त सलाद खाने
से शरीर में वसा की मात्रा कम होती है।

6. खूब पानी पीकर मोटापे पर आसानी से
नियंत्रण पाया जा सकता है या फिर आप
गुनगुना पानी पी सकते हैं इससे पाचन तंत्र ठीक
प्रकार से काम करता है और शरीर में मौजूद
अतिरिक्त चर्बी कम होती है।

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7. फाइबर की अधिक मात्रा वाले मौसमी जूस
खाएं इसे वजन कम होता है। इनमें आप संतरा,
मौसमी, नीबू और आंवला, सेब, बेरी जैसे फल-
सब्जियां ले सकते हैं।

8. ड्राई फ्रूट्स के सेवन से भी वज़न ठीक रहता है।
बादाम, अखरोट और सूखे मेवों में होता है
ओमेगा थ्री फैटी एसिड। जिससे वजन रहता है
काबू में।

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9. सुबह एक टमाटर खाने से कॉलेस्ट्रोल का लेवल
ठीक रहता है और शरीर में मौजूद वसा भी कम
होती है।

10. भरवां पराठे की बजाय भरवां रोटी खाएं।
इससे एक्स्ट्रा फैट से बचेंगे और सब्जियां भी पेट में
जाएगी।

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11. कैलोरी रहित
गोभी की सब्जी़ या उसका सूप लें, वजन घटाने
में बहुत मदद मिलेगी।

12. जंकफूड बिल्कुल न लें और बाहर के खासकर तले
हुए खाने को न खाएं, ये वजन बढ़ाने में मददगार हैं।

13. खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पीएं
बल्कि आधे से एक घंटे का अंतराल जरूर रखें।

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14. सुबह का नाश्ता हैवी करें और दोपहर में कम
कैलोरी और रात में बहुत हलका भोजन करें।

15. खाना चबा-चबा कर धीरे-धीरे खाएं, इससे
आपको कम भूख लगेगी। इन सब उपायों के साथ
ही आपको अपनी जीवनशैली में भी सकारात्मक
बदलाव लाने होंगे। आपको आहार के साथ-साथ
अपना व्यवहार भी दुरुस्त रखना होगा।

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आपको चाहिए कि आप नियमित व्यायाम करें।

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🌾मोटापे के लिए मेरी आयुर्वेदिक अनूभूत दवा🌾

👉मोटापे से प्रेशान रोगी मोटापानाशक दवाऔ का इस्तेमाल करें ।

 कई_रोगों_का_जन्मदाता_मोटापा

👉अरोग्यावर्धनी वटी - 2 -2 गोली सुबह शाम ताजे पानी से ।
👉मेदोहर विडंगादि लौह -2-2 गोली सुबह- शाम पानी से ।
👉त्रिमूर्ती रस 1-1 गोली सुबह-शाम पानी से ।
👉त्रिफला चूर्ण 5-5 ग्राम सुबह- शाम ।
👉अर्क गोमूत्र , अर्क जीरा .अर्क चिरायता ,अर्क गिलोय,अर्क अजवायन पाँचों को 500-500 मिलीलीटर मिलाकर रख लें ।

50-50 ग्राम बराबर पानी में मिलाकर ।
खाने के १ घण्टे बाद लें | 

सारी दवा एक साथ ही लेनी है ।

मोटापे में बहुत आशुकारी दवा है । 
इससे अच्छी दवा मेरी नजर में आयुर्वेद में कोई नही ।

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👉हजारों दवाएं खा -खा कर हार चुके निराश रोगियों के लिए वरदान ।

कोरियर द्वारा दवा मंगवा सकते हैं।

सदैव आपका अपना 
डाँ.ए.एस.चीमाँ
WhatsApp 9915136138
http://drascheema.blogspot.in
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Monday, January 10, 2022

अस्थमा , दमा , श्वास रोग

•दमा ,अस्थमा ,जमी हुई कफ‌,बलगम को निकालने के लिए नुस्खा•

पंसारी से 100 ग्राम सुहागा खरीदकर लाएं ।‌इसे मुसबर भी बोला जाता है । अंग्रेजी में इसे बोरैक्स भी बोला जाता है ।‌ आयुर्वेद में “टंकण भस्म” इसी से तैयार किया जाता है ।‌

इसे आप खुले मुंह की लोहे के बर्तन पर रखकर फूला बनाकर पीसकर रख लें ।‌
पहली बार जब आप नीचे आग जलाकर बर्तन पर रखेंगे तो इसका पानी बनेगा , फिर कुछ ही देर में देखते ही देखते पानी सूख जाएगा । इसको ठंडा होने पर अच्छी तरह बारीक करके दुबारा बर्तन में डालें , यह फूलकर  काफी मात्रा में बन जाएगा । आप इसे पीसकर साफ डिब्बी में डालकर रख दें । अगर न बना सको तो बना बनाया खरीद लें ।  “वैद्यनाथ टंकण भस्म” ,“व्यास मुलहठी चूर्ण”  , “वैद्यनाथ मकरध्वज या रस सिंदूर”  खरीद लें। 

प्रयोग करने का तरीका :- 
सुहागा का बनाया हुआ पाउडर 30 ग्राम 
मुलहेठी का 30 ग्राम चूर्ण ,
मकरध्वज 2.5ग्राम 3 घंटे घुटाई करके चमकरहत किया हुआ,
अभ्रक भस्म 100 पुट्टी 2.5 ग्राम 

सभी को अच्छी तरह मिलाकर 30 पुड़िया बना लें । सुबह,शाम 
शहद से चाटकर गरम पानी या गर्म दूध लें । 

अगर रोज एक “स्वर्ण वर्क” भी दवा में मिला लिया जाए या तिल के दाने जितनी “स्वर्ण भस्म” मिला ली जाए तो रिजल्ट बहुत तेजी से मिलते हैं । 

वैसे मूल नुस्खे में टंकण और मुलहेठी ही है । आयुर्वेद के किसी -2 ग्रंथ में ही यह नुस्खा मिलता है । जोकि “सुधायष्टी चूर्ण, सुधायष्टी योग” नाम से मिलता है । मैंने अपने अनुभव अनुसार जिन दमा रोगियों को मकरध्वज और अभ्रक भस्म मिलाकर सेवन करवाया , उन्हे बहुत तेजी से रिजल्ट मिला। 

जिन्हें केवल जमी कफ की शिकायत है वह मुलहठी और टंकण सिर्फ दोनों को मिलाकर ही प्रयोग करें । दमा वाले रोगी मकरध्वज , अभ्रक भस्म मिला लें। 

मेरे पास एक दमें का बहुत पुराना रोगी आया जो बहुत कमजोर था , थोड़ा सा चलकर ही बैठ जाया करता था , सांस फूल जाता था । 
मैंने उसे इस दमा वाले मिश्रण में स्वर्ण भस्म मिलाकर दे दी । 
रोगी को पहली पुड़िया खाने के बाद शरीर में ताकत महसूस हुई, दो दिन बाद शरीर में चलने फिरने की ताकत लौट आई ,कुछ ही दिन दवा लेने के बाद काफी चलने के बाद भी नामातर ही सांस फूलता था । 15 दिन की दवा से घर के काम करने लग गया।  दो महीने चिकित्सा के बाद रोगी की दवा बंद कर दी , अब रोगी बिल्कुल ठीक है । 

अपनी सूझबूझ अनुसार यह नुस्खा तैयार करके प्रयोग करें । उससे पहले अच्छे आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह जरूर लें ।‌

सदैव आपका अपना 
डाँ० अमनदीप सिंह चीमाँ, पंजाब
कोहिनूर आयुर्वेद
Whatsapp 9915136138

मेरा नाम हटाकर कापी पेस्ट न किया जाए।

Monday, November 29, 2021

बेसन का हलवा , नजला जुकाम के लिए

सैंकड़ों लोगों ने आजमाया , आपने क्यो नही !!

नजला जुकाम और मेरा अनुभूत प्रयोग :- 
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बहुत ही डाँ की दवा खा-खाकर निराश रोगी मेरा यह अनूभूत  घरेलु प्रयोग जरूर करें । सैकड़ो रोगियों को ठीक करने का अनुभव प्राप्त किया है । कई वर्षो से लोगों को बताता रहा हुँ , बहुत ही गजब का कमाल का चमत्कारी नुस्खा है ।

यह जुकाम को ठीक करता ही है ,साथ में दिमाग की शक्ति को भी बढ़ाता है और शरीर को ताकत बखसता है । आँखों की रोशनी में भी लाभ देगा । 

यहाँ जो उपचार दे रहा हुँ आप प्रयोग करके लाभ लें औरों को भी बताएं ।

सामग्री :- 50 ग्राम देशी घी गाय का 
100 ग्राम बेसन 
20 ग्राम खसखस 
5 काली मिर्च 
20 ग्राम छिलका उतारे बादाम 
20 ग्राम गिरी अखरोट 
चीनी स्वादानुसार 

विधि :- सबसे पहले घी को कडाही में गर्म करें फिर उसमें बेसन को भूनें जब वह खुशबू देने लगे तो उसमें खसखस काली मिर्च बादाम अखरोट डाल दें फिर चीनी डाल कर पानी डालकर हलवा जैसा बन जाएं उतार लें ।

सेवन विधि :- रात को कोई खाने की चीज न लें । सिर्फ यही हलवा खाना है ।हलवा खाकर कोई तरल पदार्थ नही लेना जैसे दूध पानी जूस आदि ।
बस खाकर हवा बंद कमरे में कंबल लेकर सो जाए ।
अगली सुबह फर्क आपको दिखेगा । 
सिर्फ तीन दिन ही करें । सभी लोगों को भी मेरे इस अनमोल योग के बारे में बताएं ।

Sinusitis :-नाक में रोगन बादाम हमदर्द कंपनी का भी डालें या वैद्यनाथ का षड़बिंदूं तैल नाक मे डालें + वृहत लक्षमीविलास रस १-१ गोली धूतपापेशवर कंपनी की  सुबह शाम लें । साईनस  रोगियो के लिए। 

 जुकाम में एलोपेथ दवा लेकर जुकाम को सुखाना नही चाहिए । उसके नतीजे बहुत खतरनाक निकलते है । यह मैंने अपनी 14-15साल की खोज में पाया है कि ऐलोपैथी दवा  से सिर में जुखाम सूखने से ऐसा हो जाता है कि कई लोगों के बाल सफेद होने लगते है । कई लोगों की नजर कमजोर हो जाती है ,कई लोगों को कम सुनना ।कुछ को दमा , कई लोगों को दिमागी कमजोरी आदि ।
उन लोगों की सेहत की चिंता करते हुए मैं यह सरल और आसान नुस्खा दे रहा हुँ , कृप्या मेरी कदर और शुक्रीया अदा चाहे न सही ,अपनी सेहत और भविष्य का ख्याल रखते हुए यह नुस्खा जरूर प्रयोग करना और करवाना । हम लोग जल्दी ठीक होने के चक्कर में अपना भविष्य खतरे में डाल लेते है । तो साथियों घबराएं नही , आयुर्वेद है तो समाधान तो ही है , जब है समाधान तो फिर क्यो होते हो परेशान । आपके अच्छे ,सुखी , स्वस्थ जीवन की कामना के साथ , विदा लेता हुँ.....

सदैव आपका अपना शुभचिन्तक
डाँ०अमनदीप सिंह चीमाँ,पंजाब
Whatsapp & calling 9915136138

#नजला #जुकाम #बेसन #हलवा #देशी #आयुर्वेदिक #घरेलु

Friday, February 12, 2021

बाहुबली महायोग

*ताकत के बादशाह * भाग -7

* पतले लोगों के लिए योग *

जिसका नाम है “बाहुबली महायोग”

घटक :-
आमलकी रसायन ( आमला को 100 बार ताजा आमले के रस में सुखाकर बनाया चूर्ण 1kg ,
मुलेठी चूर्ण 1kg ,
ईशबगोल भुसी 250 ग्राम ,
सतावर चूर्ण 1kg ,
असगंध चूर्ण 1kg,
विदारी कंद चूर्ण 1kg,
गिलोय सत्व 500gm,
प्रवाल पिष्टी 200 ग्राम ,
मोती पिष्टी 100 ग्राम ,
लौह भस्म 100पुट्टी 100 ग्राम ,
अभ्रक भस्म 100पुट्टी 100 ग्राम,
चांदी भस्म 50 ग्राम
स्वर्ण भस्म 15 ग्राम
मिश्री 6 किलो

सब को मिलाकर रख लें। सुबह शाम दूध‌ से यह दवा लेनी होती है।

3 महीने के प्रयोग से चेहरा , धसी हुई आंखें, पिचके गाल बाहर आ जाएंगे। नया खून पैदा होगा । गर्मी सर्दी दोनों मौस्म में आप ले सकते है। बाजुओं में , टांगों में भरपूर जान भर देता है। सोना , चांदी , मोती के कारण योग महंगा बनता है। लेकिन एक महीने में शरीर में भरपूर जौश पैदा होने लगता है। हर साल मैं यह योग बहुत मात्रा में तैयार करता हुं। जिम वाले‌ लड़के , दुबले-पतले लड़के इसका इस्तेमाल करके लाभ उठाते है। अगर आप को इसकी जरूरत है तो आप कोरियर द्वारा मेरे से मंगवा सकते है।‌

सदैव आपका अपना
डाँ०अमनदीप सिंह चीमाँ, पंजाब
Calling & Whatsapp 9915136138

Wednesday, October 28, 2020

ताकत के बादशाह ( मेरे अनुभूत महायोग ) भाग-1

Special Honeymoon Course

“ हनीमून महायोग ”

“ मिले न फूल तो काटों से दोस्ती कर ली ”

बहुत समय से मेरे पाठको की मांग थी कि आप हनीमून कोर्स तैयार कैसे करते है। इसे लिखित रूप में पाठकों के लिए पोस्ट करें। समय के अभाव के कारण इस योग को लिखने में समय निकलता गया , मेरा यह योग देश-विदेश में नये शादीशुदा लड़के या जिनकी शादी होने वाली होती है वो काफी पसंद करते है। जिन्होने इसका प्रयोग कर लिया वो अपने दोस्तों को भी इसका प्रयोग करने की सलाह जरूर देते है। यह योग केवल मर्द ही नही लड़कियों के लिए भी उतना ही फायदेमंद है।
यह योग सिर्फ 40दिन का है। जिनके पास समय का अभाव होता है , रिज्लट बहुत जल्दी चाहिए होते है , शादी की तारीख नजदीक होती है या नई शादी हुई होती है , हनीमून जाने का विचार कर रहे होते है , उनके लिए ही मैं इस योग का निर्माण करता हुं। इस योग को बनाने में काफी मेहनत और सावधानी की जरूरत होती है। जिसके कारण यह योग काफी महंगा भी पढ़ता है , लेकिन लाखों रूपए शादी पर खर्च करके अगर खूबसूरत जिंदगी के लिए , अपने जीवन साथी के लिए थोड़ा पैसे और खर्च कर लिए जाए तो खुशियों में चार चांद लगने से कोई नही रोक सकता ।‌

इस योग के फायदे बहुत है जो निम्नलिखित है :-
शादी से घबराहट होना , औरत के नाम से ही डरना ,
शरीर को संभोग में असमर्थ समझना ,
वीर्य में पतलापन होना , संभोग में समय न लगना ,
एक बार करने के बाद दूसरी बार इच्छा ही न होना।

सदैव आपका अपना
लेखक
वैद्य अमनदीप सिंह चीमाँ , पंजाब
वटस ऐप 9915136138

इस योग के सेवन से काम उत्तेजना बहुत बढ़ जाती है , किंग कोबरा जैसी फुर्ती आ जाती है। मर्द औरत कामदेव के सामान हो जाते है। संभोगानंद बहुत बढ़ जाता है। इंद्री की मुरझाई हुई नशों में ताकत का तूफान दोड़ने लग जाता है , बार -२ संभोग करने को दिल करता है , लिंग का आकार और मोटापन बढ़ जाता है । संभोग में लंबा समय रूकावट बनती है जिससे आपके जीवन साथी को पूर्ण संतुष्टी मिलती है । इस महायोग के सेवन से नामर्द मर्द कहलाने लायक बन जाता है , आखिर में यही कहुंगा कि हिजड़ा भी संभोग के काबिल हो जाता है। जिनके जीवन साथी को अच्छे दमदार सैक्स पावर वाले जीवन साथी की जरूरत हो उसे एक बार जरूर इस “हनीमून महायोग” का सेवन करना चाहिए। इस “हनीमून महायोग” का सेवन करके हर गृह्स्थी अपने जीवन में खुशियाँ ला सकते है। हर मौस्म में इसका सेवन कर सकते है। हनीमून जाने से दस दिन पहले इसका सेवन शुरू कर दें। बार-बार मैदान में कूदने को मन करेंगा , मन नही भरेगा ।

अब नुस्खा देखें :-
हिंगुल 5-5 ग्राम के 10 पीस लेकर एक मिट्टी के बर्तन में डालें।
इसे चूल्हे पर चड़ाकर , ऊपर किसी बर्तन को लटकाकर
उसमें पाँच लीटर देशी नींबू का रस डालकर नीचे छोटा सा सुराख कर दें, ताकि रस बूंद बूंद टपकता रहे । नीचे‌ आग जलाए। इसमें आग का ही सारा खेल है‌, आग कम या ज्यादा , कब कैसे देनी है , बिना अनुभव के मुशकिल है। जो आयुर्वेद के चिकित्सक है , खुद रसायन योग दवाएं तैयार करते है, वो लोग ही बनाएं। अनजान कोशिश न करें। क्योंकि “नीम हकीम खतरा ए जान” वाला मुहावरा सिद्ध हो जाएगा। नीचे आग जलती रहे , ऊपर से रस टपकता रहे , जब नींबू का रस खत्म हो जाए। फिर सफेद प्याज के पाँच लीटर रस को टपकाकर खुशक कर दें। फिर आर्दक का रस पाँच लीटर टपका कर सुखा दें ।

उसके बाद जायफल , लौंग , जावित्री 50-50 ग्राम का पाउडर बनाकर ,  उसी बर्तन में आधा पाऊडर यानि 75 ग्राम नीचे फिर पांच ग्राम की एक उपरोक्त हिंगुल डली रखकर ऊपर बाकी बचा हुआ पाऊडर डालकर , नीचे आग जला दें । जब सारा पाऊडर राख हो जाए , तो उसके बाद भिलावा , कुचला , वत्सनाभ 50-50 ग्राम अधकुटा करके बीच में एक डली रखकर आग जलाएं जब यह  अधकुटा पाऊडर जल जाए तो डली निकाल कर , फिर इसमें मालकंगनी , अकरकरा , खुरासानी अजवायन 50-50 ग्राम अधकुटा सा करके पहले की तरह बीच में डली रखकर पाऊडर जल जाने के बाद डली निकाल लें।

इसी तरह सभी हिंगुल की डलीयाँ तैयार कर लें ।
जब सारी डलीयाँ इस तरह आप तैयार कर लें।  तो इन्हे सावधानी से साफ करके किसी अच्छे खरल में डालकर अच्छी तरह बारीक करें।
फिर इसमें से 10 ग्राम पाउडर अलग से निकाल कर , उसमें असली 2ग्राम केशर गुलाब के अर्क में बारीक पिसा हुआ डालकर , खूब खरल करके पूरी तरह सुखा दें ।
फिर इसकी एक बोतल अर्क जायफल , फिर अर्क जावित्री में थोड़ा-२ डालकर खूब खरल करें । जब सूख जाए तो इसको खुरासानी अजवायन के एक बोतल अर्क में थोड़ा-२ डालकर खरल करें ।

अब इस तैयार दवा में
हीरक भस्म अच्छी - 500 मिलीग्राम
स्वर्ण भस्म नं:1 - 500मिलीग्राम
मोती पिष्टी नं:1 - 2 ग्राम
प्रवाल पिष्टी नं:1 -2 ग्राम
अभ्रक भस्म सहस्त्रपुटी बाजीकरण-2 ग्राम
( सहस्रपुटी मतलब 1000 बार विशेष विधिपूर्वक भस्म की हुई। )
मिलाकर खूब खरल कर करके रख लें । आपकी दवा तैयार है।

आपका “हनीमून महायोग ” तैयार है।
सुबह - शाम दूध से एक - एक खुराक लें ।
दूध, जूस , फल का खूब प्रयोग करें ।

नोट :- जो मित्र आयुर्वेद की जानकारी नही रखते कृप्या वो इस दवा को खुद बनाने की कोशिश न करें ।
दवा बनाने में अगर असमर्थ है तो आप वटसऐप पर मेरे से संपर्क करके यह दवा कोरियर से देश-विदेश में कहीं भी मंगवा सकते है।

cost 20k for 40 days . 11k for 20days

सदैव आपका अपना
लेखक
वैद्य अमनदीप सिंह चीमाँ , पंजाब
वटस ऐप 9915136138

यह योग मेरी जल्द‌आ रही किताब “ताकत के बादशाह” ( मेरे अनुभूत महायोग ) में से है। जिसमें ताकत के बेहतरीन महायोग आपको मिलेंगें। जो कि मेरी वर्षों की खोज का निचोड़ है। आप किताब अड़वांस में बुक करवा सकते है।

#हनीमून_महायोग #Honeymoon_Mahayog

Thursday, June 4, 2020

Ashwgandha, अश्वगंधा

★ अश्वगंधा Withania somnifera के बारे जानकारी ★

★Common name: Ashwagandha, Indian ginseng, Poison gooseberry, Winter Cherry
• Assamese: অশ্বগন্ধা asbagandha
• Bengali: অশ্বগন্ধা asbagandha
• Gujarati: આકસંદ aksand, અશ્વગંધા asvagandha
• Hindi: असगन्ध asgandh, अश्वगंधा ashwagandha
• Kachchhi: આસુન aasun, આસુંઢ aasund
• Kannada: ಅಂಗಾರ ಬೇರು angara beru, ಅಶ್ವಗಂಧ ashwagandha, ಹಿರೇಮದ್ದಿನ ಗಿಡ hiremaddina gida, ಪನ್ನೇರು panneru, ಸೊಗದೆ ಬೇರು sogade beru
• Malayalam: അമുക്കുരം amukkuram, പേവെട്ടി pevetti • Marathi: अश्वगंधा ashwagandha, आस्कंद askanda
• Nepali: अश्वगन्धा ashwagandha
• Oriya: ଅଶ୍ବଗନ୍ଧା ashwagandha
• Punjabi: ਅਸਗੰਧ असगंध asgandh, ਅਸ਼ਵਗੰਧਾ अश्वगंधा ashwagandha ,Aksin ਅੱਕਸਿਨ अँकसिन
• Sanskrit: अश्वगन्धा ashvagandha
• Tamil: அமுக்கிரா amukkira
• Telugu: అశ్వగంధ ashwagandha
• Tibetan: a swa ga ndhi, ba-dzi-ga-ndha
• Tulu: ಅಶ್ವಗಂಧೊ ashwagandho
• Urdu: اسگندهہ asgandh
Botanical name: Withania somnifera
  Family: Solanaceae (Potato family)

अश्वगंधा, भारत के सूखे भागों में ज़्यादातर पाया जाता है।  यह एक बारहमासी जड़ी बूटी है जो प्रकृति में लगभग 6 फीट तक बढ़ती है।  यह 35-75 सेमी लंबा बढ़ जाती है ।   फूल छोटे, हरे और घंटी के आकार का होता है।‌ इसकी फोटो से आप आसानी से पहचान कर सकते हैं।

•औषधीय उपयोग•
अश्वगंधा 3000-4000 वर्ष से भारत में एक बेशकीमती adaptogenic टॉनिक रहा है।  पौधों में एल्कलॉइड विथेनिन और सोमनीफेरिन होते हैं, जो तंत्रिका विकारों, आंतों के संक्रमण और कुष्ठ रोग के इलाज के लिए उपयोग किए जाते हैं।  सभी पौधे के भागों का उपयोग जड़ों, छाल, पत्तियों, फलों और बीज सहित किया जाता है।

★ अशवगंधा पर मेरे अनुभव ★

जो मनुष्य अशवगंधा को रोजाना एक ग्राम चूर्ण  दूध के साथ लेता है , उसे कभी हड्डियों के रोग , जोड़ों का दर्द , कमर दर्द  नही सताते, शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी पास नही फटकती , दिमागी काम करने वाले अगर रोजाना की खुराक में इसे शामिल कर लें , तो उन्हें दिमागी कमजोरी महसूस नहीं होती है। अगर इसे रोजाना अपनी खुराक में शामिल कर लिया जाए तो जिंदगी भर पागलपन , डिप्रैशन आदि किसी भी प्रकार का दिमाग का रोग जीवन में पास नही फटकता।  इस से सस्ती , आसान , सर्व सुलभ औषधि अपने चिकित्सा काल, जीवन  में मैंने कभी नही देखी। जिसका जीवन भर सेवन करने से कोई नुकसान नही। पंसारी से आसानी से मिलती है।  असगंध नागौरी के नाम से लें । ध्यान रखें कीड़ा न लगा हो, पुरानी न हो। नहीं तो लाभ की आशा न रखें।

★साधारण जन जो इसके गुणों का लाभ लेना चाहते हैं। उनके लिए मैं निम्न सरल , सुलभ योग बता रहा हुं। ★
100 ग्राम अश्वगंधा की जड़ ,100 ग्राम मिश्री मिलाकर 2 ग्राम रोज पानी से या दूध से लें।  इतनी मात्रा आम इंसान के लिए बताई है।  मौस्म अनुसार अनुपान बदल सकते है । यानि गर्मी में मलाई , मक्खन या मोती पिष्टी या प्रवाल पिष्टी एक-एक रत्ती मिलाकर ।
सर्दी में मिश्री की जगह शहद , गुड़ के साथ लें सकते हैं।

विशेष सूचना:-
अगर आप नहीं चाहते कि अपने हाथों से दवा तैयार करें तो
Single Ashwgandha herb कई कंपनियां गोली , कैप्सूल में बनाकर भी बेच रही है। इसके लिए आप Himalaya company का अश्वगंधा गोली के रूप में भी प्रयोग कर सकते है।

बहुत सी कंपनियां पाउडर में भी पैकिंग करके बेचती है।

( विदेशी जिन्सेंग की जगह अगर आप इसे सेवन करें तो जिन्सेंग को लेना भूल जाएंगे। विदेशी लोगों और मल्टीनेशनल कंपनियों वाले मोटे मुनाफे के लिए अपने विदेशी जिन्सेंग का बहुत प्रचार करते हैं। लेकिन मैंने अपने ऊपर और कुछ लोगों पर जो तजुर्बा किया है , उससे बेहतर हमारा अश्वगंधा है। )

इसके सेवनकाल में अगर कोई  मौस्मी रोग सताएं उसके अनुसार सहायक औषधि ले सकते है।

उपरोक्त योग में दो ग्राम की कम मात्रा रसायन गुण लेने के लिए दी गई है। अगर किसी रोग में प्रयोग करना है तो 3-6 ग्राम तक सुबह -शाम ले सकते है। 40 दिन से 90 दिन तक। इस से सस्ता दवा कोई नही है। यह एक आहार रूपी दवा है। अगर बच्चों को बचपन से शुरू करवा दिया जाए , उनकी हड्डियाँ फैलाद जैसी ताकतवर रहेगी । दिमाग कंप्यूटर जैसा , कद भी अच्छा निकलता है।बुजुर्ग लोगों को कभी बुढ़ापे के रोग नही सताते। जवान लोगों को ग्रहस्थ की परेशानिया जैसे कमजोरी , नामर्दी , शुक्राणु आदि कोई समस्या नही आएगी ।न कोई थकावट।
अश्वगंधा का निरंतर सेवन करने वाले को किसी डुप्लीकेट मल्टीविटामिन आदि के सेवन की जरूरत नहीं है। रोग प्रतिरोधक immunity power बहुत अच्छी रहती है। वायरल रोग सेवनकर्ता के पास कभी भी फटकते।

इसकी तासीर गर्म है। यह वात कफ नाशक है। पचने में भारी है। कमजोर पाचन वाले पहले अपने पाचन शक्ति को बढ़ाए या इसकी मात्रा का ख्याल रखें।  गर्मी के मौसम में और गर्मी वाले रोगियों को कई बार माफिक नही रहता । उपरोक्त मैंने मोती पिष्टी और प्रवाल पिष्टी का योग तो बताया ही , अब कुछ और कंबीनेसन बता देता हुं । जो तैयार करके आप बिना डर के सेवन कर सकते हैं। यह कंबीनेशन उन दोस्तों और पाठकों के लिए है जिन्हें शरीर में गर्मी या गर्मी के मौसम में गर्मी से समस्या आती हो।‌जिनके वात - पित्त - कफ ठीक हो या जिनको कोई गर्मी -सर्दी-खुश्की की कोई समस्या न हो वह भी निम्नलिखित नुस्खों में से कोई एक आजमा सकते है या मुझसे संपर्क करके अपनी तासीर अनुसार तैयार करवा सकते हैं। ताकि कोई भी सज्जन लाभ से वंचित न रह जाए । आप सब गर्मी में भी बिना डर ले सकते है। जिन्हे दूध माफक नही वह पानी से भी ले सकते है । वैसे तो अशवगंधा के अनेको प्रयोग है , उनमें से मेरे कुछ अनुभूत आपकी सेवा में हाजिर कर रहा हुँ ।

१. नुस्खा
अशवगंधा 5 तोला यानि पचास ग्राम ,
मुलहठी पांच तोला ,
आँवला पांच तोला ,
गिलोय का चूर्ण 5 तोला
सबको मिलाकर एक डिब्बे में संभाल लें .
इसके बराबर वजन मिश्री भी मिला सकते है.
अगर मिश्री मिलाना है तो 6 ग्राम पानी से जब दिल करें दिन में एक बार ले सकते है. अगर शूगर वाले मरीज है तो मिश्री के बिना बने मिश्रण को तीन ग्राम ले सकते है.

२. नुस्खा
अशवगंधा - 100 ग्राम ,
मुलहठी - 100 ग्राम,
गिलोय - 100 ग्राम
मिश्री - 300 ग्राम
मिलाकर सबको एकजान कर लें . डिब्बे में संभालकर रख लें .
एक चम्मच ताजे जल से लें .

३. अशवगंधा चूर्ण - 60 ग्राम ,
गिलोय सत - 20 ग्राम ,
प्रवाल पिष्टी - 10 ग्राम
सबको मिलाकर रख लें .
3 ग्राम की मात्रा दूध या जल से लें . दिन में एक बार .

४. दिमागी कमजोरी के लिए
अशवगंधा , बच , ब्राह्मी , शंखपुष्पी
20-20 ग्राम मिलाकर रख लें.
2-2 ग्राम सुबह-शाम मलाई,मक्खन या शहद या दूध से ले सकते है. जल से भी लिया जा सकता है.

५. दिमागी तेज करने के लिए
अशवगंधा 10 ग्राम,
बच-10 ग्राम,
मांलकंगणी-10 ग्राम,
ब्राह्मी -20 ग्राम,
रजत भस्म - 6 ग्राम ,
मोती पिष्टी नं १ - 3 ग्राम

सबको मिलाकर रख लें . 80 पुड़िया बनाकर रख लें .
सुबह-शाम एक-एक पुड़िया मलाई,मक्खन या दूध से लें.
यह मेरा पसंदीदा नुस्खा है. इसके 40 दिन सेवन करने से दिमागी कमजोरी दूर होती है. हर ग्रंथ को याद करने की ताकत देता है. आपका बच्चा अगर बार-2 पढ़ने पर भी भूल जाता है तो इसके सेवन से आपका बच्चा एकबार पढ़ कर दुबारा नही भूलेगा, हमेशा याद रहेगा. बढ़िया नंबर लेकर पास होगा. दिमागी काम करने वाले लोगों को भी यह बहुत अच्छा लाभ देता है.

पहले तीन नुस्खे मैंने यहां डाले है , यह गर्मी में जल या दूध , मलाई , मक्खन से लें।
सर्दी में गर्म जल , केसर मिले दूध, शहद , गुड़ , अदरक , पान के रस से लें सकते हैं।

कोई भी नुस्खा लेने से पहले एक बार मुझसे परामर्श जरूर लें ।

जिन योगों में मैं अश्वगंधा का प्रयोग करता हुं जैसे पुरुषों के मेरे द्वारा निर्मित “शाही तिला ख़ास” , “तूफानी ताकत महायोग”, “जीवन जौश महायोग”, “गाइनोमेस्टीया”, “दिमागी रोग”, “सोरेबर्ल पलसी”, “मसकूलर डिसट्राफी”, “घुटने बदलना, जोडों में ग्रीस खत्म हो जाना”, “गंठिया”, “बांझपन” “कद बढ़ाना” आदि जो मेरे वर्षों की मेहनत से अपने अनुभव के अनुसार तैयार किए हैं , सफलता पूर्वक अच्छे रिजल्ट दें रहे हैं।
यह योग बार-बार मैं पोस्ट कर चुका हुं। इच्छुक पाठक मेरे ब्लॉग https://drascheema.blogspot.in पर दुबारा पढ़ सकते है।

अश्वगंधा के कुछ सरल योग मैं अपने पाठकों के लिए लिखूंगा जोकि साधारण जन हर कोई घर पर बनाकर इस्तेमाल कर सकता है । मैं नहीं चाहता कि मेरे पाठकों को ऐसी महान औषधि की जानकारी के बाद वो किसी भी तरीके से किसी लाभ से वंचित रह जाएं। ऊपर जिन रोगों के योग मैंने बताएं है जिसमें अश्वगंधा का इस्तेमाल भी होता है। रोग अनुसार आप मुझसे मंगवा सकते है।

अब जो योग दूंगा सर्व सुलभ , सरल योग लिखूंगा । आप इस्तेमाल करें।
ऐसी महान औषधि के गुणों से अपने आसपास लोगों को बताएं और आयुर्वेद का प्रचार करें।

1.बांझपन के लिए एक चम्मच अश्वगंधा दूध से माहवारी खत्म होने के अगले दिन एक हफ्ता लें। उसके बाद समागम से आपकी मनोकामना पूरी होगी।

2. अश्वगंधा , विदारी कंद 100-100ग्राम , मिश्री 200 ग्राम मिलाकर रख लें। एक चम्मच सुबह-शाम दूध या पानी से लेने से सफेद प्रदर,छोटे स्तन, दूध की कमी , कमर दर्द , धांतु रोग , शुक्राणु कमी , साधारण कमजोरी में लाभ होता है।

3. अश्वगंधा 100 ग्राम , मीठी सुरंजान 50 ग्राम , सोंठ 25 ग्राम मिलाकर रख लें।‌गर्म पानी या दूध से एक चम्मच लें।
यह गंठिया,कमर दर्द, जोड़ों का दर्द में बहुत लाभकारी है।

4.अशवगंधा , ब्राह्मी 1-1 ग्राम मलाई से चाटने से दिमागी ताकत बढ़ाने के लिए लाभकारी है।

5. अश्वगंधा , सतावर , विदारी कंद, सफेद जीरा 50-50 ग्राम लेकर चूर्ण करें।‌ एक-एक चम्मच उन माताओं के लिए जिन्हें दूध कम बनता है। इससे दूध बढ़ता है , बच्चा भी मोटा ताजा होता है। बिमार कम होता है।

6.अशवगंधा , सोंठ , जायफल , लहसुन , अजवाइन ,केसर, मालकांगनी  10-10 ग्राम , लेकर दरदरा सा कूट लें।‌ 200 मिलीलीटर तिल तैल में पकाकर जला लें। छानकर रख लें। इस तैल को मांसपेशियों के दर्द, जोड़ दर्द , इंद्री पर मालिश के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

•लेखक - वैद्य•
!! सदैव आपका अपना शुभचिंतक !!
:: वैद्य अमनदीप सिंह चीमाँ , पंजाब ::
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